दो राज्यो के एकमात्र मुख्यमंत्री विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध एनडी तिवारी की एक ही दिन होती है जयंती और पुण्यतिथि

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Reported by Awaaz Desk

On 18 Oct 2020
दो राज्यो के एकमात्र मुख्यमंत्री विकास पुरुष के नाम से प्रसिद्ध एनडी तिवारी की एक ही दिन होती है जयंती और पुण्यतिथि

भारत के वित्त मंत्री,उद्योग मंत्री,से लेकर उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रह चुके नारायण दत्त तिवारी के जन्म और मृत्यु की तारीख एक ही दिन है।आज ही के दिन 18 अक्टूबर 1925 को नैनीताल में उनका जन्म हुआ था और 18 अक्टूबर 2018 को दिल्ली में उनका निधन हुआ।नैनीताल के दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों के बीच पले-बढ़े नारायण दत्त तिवारी ने अभावों के बीच रहते हुए भी उन सपनों को साकार कर दिखाया था जिन्हें उन परिस्थितियों में सोचना भी नामुमकिन था , बचपन में एनडी तिवारी अपने गांव बल्यूट (भीमताल) दो मील की चढ़ाई चढ़कर ऊंची पहाड़ी पर जाते थे, सीखने की ऐसी ललक थी कि वो उस ऊंची पहाड़ी पर जहां अंग्रेज मिस्टर स्टीफिल का जिलिंग स्टेट था केवल अंग्रेजी अखबार पढ़ने जाते थे,साथ ही स्टीफिल के भाई मिस्टर राबर्ट से अंग्रेजी बोलना भी सीखते थे।विकास पुरूष के नाम से विख्यात एनडी तिवारी की 18 अक्टूबर को दूसरी पुण्यतिथि और 95वीं जयंती है।


विकास पुरुष उन्हें यूं ही नहीं कहा जाता था। वह जिस परियोजना के बारे में सोच लेते, उसे पूरा कर छोड़ते थे। यही कारण था कि कुमाऊं में एचएमटी, सोयाबीन जैसी फैक्ट्री अस्तित्व में आई। सिडकुल जैसा उद्योग स्थापित हुआ। उत्तराखंड का पहला राजकीय मेडिकल कालेज हल्द्वानी में बना।नैनीताल जिले के बल्यूटी गांव में वर्ष 1925 को जन्मे एनडी तिवारी राजनीति के शिखर पर पहुंचने के बाद जब वह हल्द्वानी पहुंचते थे, आशीर्वाद लेने वालों की भीड़ उमड़ पड़ती थी। उनका कद इतना ऊंचा था कि जहां पहुंचते थे अपनों से घिर जाते थे।

1954 में एनडी तिवारी ने सुशीला से विवाह किया, और 1991 में उनकी पत्नि की मृत्यु हो गई,पत्नी की याद में हल्द्वानी में सुशीला तिवारी अस्पताल की स्थापना की गई थी। 14 मई 2014 को, 88 वर्ष की उम्र में उन्होंने अपने जैविक पुत्र रोहित शेखर की मां उज्ज्ववाला तिवारी से विवाह किया।लंबी जद्दोजहद के बाद पूर्व सीएम एनडी तिवारी ने रोहित शेखर को अपना बेटा माना और उनकी मां उज्ज्वला से सबके समक्ष 88 साल की उम्र में विवाह करके इस गुमनाम रिश्ते को पवित्र रिश्ते का नाम दिया। रोहित ने भी बेटे की हर जिम्मेदारी निभाते हुए पिता एनडी तिवारी का पूरा ख्याल रखा। लेकिन, एनडी तिवारी के अपने परिवार वाले उनसे दूर होते चले गए।


आन्ध्र प्रदेश के पूर्व राज्यपाल और दो राज्यों के एक मात्र पूर्व मुख्यमंत्री नारायण दत्त तिवारी ने लंबी बीमारी के बाद राजधानी दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में 18 अक्टूबर 2018 को अपराह्न 2.50 बजे अंतिम सांसे ली थी।

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