मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री और नौकरशाह हुए होम क्वारेंटाइन

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Reported by Anuj Awasthi

On 31 May 2020
मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री और नौकरशाह हुए होम क्वारेंटाइन

उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत का पूरा मंत्रिमंडल क़्वारेनटाइन हो गया है। सभी मंत्री होम क़्वारेनटाइन हो गए हैं।आपको बता दें कि आज ही सतपाल महाराज की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। सतपाल महाराज दो दिन पहले हुई कैबिनेट बैठक में शामिल हुए थे। अब इस बैठक में शामिल हुए उत्तराखंड के सभी मंत्री होम क़्वारेनटाइन हो गए हैं। देश का ये पहला मामला है जब किसी मंत्री को कोरोना संक्रमण हुआ है। मंत्री की वजह से अब पूरी सरकार को ही क़्वारेनटाइन होना पड़ा है।इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्री और शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक ने दी। इधर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने क़्वारेनटाइन वक्त में अपने निजी स्टाफ से भी मिलने को इनकार किया है। आपको बता दें कि सबसे पहले कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने किसी से भी मिलने से इनकार कर दिया था। सतपाल महाराज की रिपोर्ट आने से पहले ही हरक सिंह रावत ने किसी से भी मुलाकात न करने का फैसला कर लिया था।

आपको बता दें कि सतपाल महाराज की पत्नी की कोरोना रिपोर्ट कल पॉजिटिव मिली थी। इसके बाद आज सतपाल महाराज का कोरोना टेस्ट किया गया था। उनकी रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली है। महाराज के स्टाफ और परिवार के कुल 22 लोग पॉजिटिव बताए गए हैं। सतपाल महाराज और उनकी पत्नी को एम्स में भर्ती किया गया है।कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए भारत सरकार की निर्धारित गाइडलाइन की जानकारी देते हुए सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी द्वारा बताया गया है कि संक्रमित व्यक्ति की कान्टेक्ट ट्रेसिंग के संबंध मे प्रावधान है कि कान्टेक्ट का दो वर्गों में वर्गीकरण किया जाएगा। अधिक रिस्क वाले कान्टेक्ट और कम रिस्क वाले कान्टेक्ट।

अधिक रिस्क वाले कान्टेक्ट की दशा में 14 दिन के लिए होम क्वारेंटाईन किया जाएगा और आईसीएमआर के प्रोटोकोल के अनुसार टेस्ट कराया जाएगा। कम रिस्क वाले कान्टेक्ट अपना कार्य पहले की तरह कर सकते हैं।14 दिनों तक उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जाएगी।उनकी तरफ से बताया गया कि कैबिनेट बैठक में माननीय मंत्रीगण व अधिकारी भारत सरकार के दिशा-निर्देशो के अनुसार माननीय कैबिनेट मंत्री श्री सतपाल महाराज के क्लोज कान्टेक्ट में न होने के कारण कम रिस्क वाले कान्टेक्ट के अंतर्गत आते हैं। वे अपना कार्य सामान्य रूप से कर सकते हैं और उन्हें क्वारेंटाईन किए जाने की आवश्यकता नहीं है।

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