ताज़ा अपडेट
[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦[बड़ी खबर]उत्तराखण्ड हेलीकॉप्टर हादसाः बदरीनाथ से लौट रहा विमान क्रैश! पायलट समेत सभी 6 लोगों की मौत, खराब मौसम के बीच उड़ानों पर उठे सवाल✦
Awaaz 24x7 News

एलयूसीसी घोटाला/बनभूलपूरा प्रकरण : बिना सुनवाई हुए मामले पर नैनीताल के पत्रकार ने प्रतिष्ठित समाचार पत्र में लगाई फेक न्यूज़

Author:Awaaz Desk
🕒 Last Updated:2026-03-19 21:08:05
Prefer us on
आवाज़ ब्यूरो नैनीताल : ख़बरें सिर्फ लिखी नहीं जाती,उन पर भरोसा किया जाता है। और जब भरोसा ही डगमगाने लगे, तो सबसे पहले सवाल कलम पर ही उठता है।
एलयूसीसी घोटाला/बनभूलपूरा प्रकरण : बिना सुनवाई हुए मामले पर नैनीताल के पत्रकार ने प्रतिष्ठित समाचार पत्र में लगाई फेक न्यूज़

एलयूसीसी घोटाला/बनभूलपूरा प्रकरण : बिना सुनवाई हुए मामले पर नैनीताल के पत्रकार ने प्रतिष्ठित समाचार पत्र में लगाई फेक न्यूज़ (सांकेतिक तस्वीर)

⚡ख़बरें फटाफट (संक्षेप में)

⏱️ 30-Sec Glance
  • आवाज़ ब्यूरो नैनीताल : ख़बरें सिर्फ लिखी नहीं जाती,उन पर भरोसा किया जाता है।
  • और जब भरोसा ही डगमगाने लगे, तो सबसे पहले सवाल कलम पर ही उठता है।
  • आज के डिजिटल दौर में "कुछ भी लिखो लेकिन ख़बर सबसे पहले पोस्ट करो" की होड़ में पत्रकारिता की साख जल्दीबाजी की शिकार हो रही है।
  • और अगर ऐसी होड़ हाईकोर्ट से जुड़ी खबरों की हो तो मामला न सिर्फ कोर्ट की अवमानना का होता है बल्कि पत्रकारिता के मापदंडों पर भी सवाल खड़े होते हैं।

आवाज़ ब्यूरो नैनीताल : ख़बरें सिर्फ लिखी नहीं जाती,उन पर भरोसा किया जाता है। और जब भरोसा ही डगमगाने लगे, तो सबसे पहले सवाल कलम पर ही उठता है। आज के डिजिटल दौर में "कुछ भी लिखो लेकिन ख़बर सबसे पहले पोस्ट करो" की होड़ में पत्रकारिता की साख जल्दीबाजी की शिकार हो रही है। और अगर ऐसी होड़ हाईकोर्ट से जुड़ी खबरों की हो तो मामला न सिर्फ कोर्ट की अवमानना का होता है बल्कि पत्रकारिता के मापदंडों पर भी सवाल खड़े होते हैं।

उत्तराखंड के ऐसे ही गंभीर दो मामलों में राष्ट्रीय समाचार के पत्रकार ने हाई कोर्ट के आदेशों और सुनवाई की भ्रामक खबर बनाकर मीडिया एथिक्स को ही दांव पर लगा दिया है जिस प्रिंट मीडिया पर जनता सबसे ज्यादा भरोसा करती है उसे ही सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है ।

पहला मामला जिसमें दैनिक जागरण के पत्रकार ने एलयूसीसी घोटाले को लेकर गलत ख़बर प्रकाशित कर दी। पत्रकार ने लिखा कि हाईकोर्ट ने एलयूसीसी घोटाले में सीबीआई को जांच रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए है। जबकि सच्चाई ये है कि 17 मार्च 2026 इस मामले को लेकर नयी बेंच गठित करने का निर्णय किया गया जो कि हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के द्वारा की जाएगी इसलिए मामले की सुनवाई नहीं हो पायी और जब बेंच बन जाएगी तब ही इस मामले की सुनवाई हो पाएगी लेकिन पत्रकार महोदय ने वेब पोर्टल पर एलयूसीसी घोटाले के मामले में खबर प्रकाशित करते हुए बताया कि हाईकोर्ट ने  800 करोड़ के एलयूसीसी घोटाले के मामले में सीबीआई को जांच करने के लिए निर्देश दिये है जो कि पूरी तरह गलत और भ्रामक है इस मामले से जुड़े वकील का कहना है कि जब सुनवाई ही नहीं हुई तो निर्देश देने का सवाल ही पैदा नहीं होता है खबर पूरी तरह से गलत है ।

दैनिक जागरण वेब पोर्टल 18.03.2026 

दैनिक जागरण समाचार पत्र : 19.03.2026 

दूसरा मामला हल्द्वानी बनभूलपुरा दंगे में आरोपितों की जमानत को लेकर है जहां हाईकोर्ट के बिना लिखित आदेश के प्रकाशित करने का है। जिसमें नैनीताल से दैनिक जागरण के पत्रकार ने 18 मार्च 2026 को उत्तराखंड हाईकोर्ट का हवाला देते हुए लिख दिया कि बनभूलपुरा दंगा मामले में शहनवाज,शकील एहमद और असलम की जमानत मंजूर कर दी है, जबकि मामले में हाईकोर्ट का लिखित आदेश आना बाकी था हालांकि तीनों को लेकर कोर्ट ने मौखिक जमानत को मंजूरी दे दी थी और फैसला सुरक्षित रख लिया गया था लेकिन नैनीताल के पत्रकार महोदय ने जमानत याचिका पर आदेश आने से पहले ही मीडिया की अदालत में जमानत मंजूर करते हुए खबर प्रकाशित कर दी जबकि अन्य मीडिया संस्थानों ने हाईकोर्ट के द्वारा फैसला सुरक्षित रखने के आदेश को लेकर खबर प्रकाशित की थी । अमूमन पत्रकार न्यायालय में जजों के द्वारा दिये गए मौखिक आदेशों या याचिकाओं की मंजूरी देने पर खबर का प्रकाशन कर देते है लेकिन खबर में इसका उल्लेख स्पष्ट रूप से होना चाहिए कि जज ने मौखिक रूप से याचिका मंजूर की है या फिर फैसला सुरक्षित रखा गया है अगर खबर का प्रकाशन कोर्ट नियमों के अनुसार नहीं होता है तो ये अवमानना का मामला बनता है और पत्रकार को 6 माह की जेल या जुर्माना या फिर दोनों हो सकता है ।

दैनिक जागरण वेब पोर्टल : 18.03.2026 

दैनिक जागरण समाचार पत्र : 19.03.2026

अमर उजाला: 19.03.2026 

न्यायपालिका से जुड़े मामले बेहद संवेदनशील होते हैं। कोर्ट की खबरों में जरा सी भी गलती कोर्ट की अवमानना बन जाती है और जनता को भ्रमित कर देती है,साथ ही मीडिया संस्थानों की छवि पर भी असर डालती है। कानून की दृष्टि से अगर देखें तो इस तरह की भ्रामक खबरें कई सवाल खड़े करती हैं। कोर्ट के निर्देश,आदेश,फैसलों को अगर तोड़ मरोड़ कर या गलत तरीके से प्रकाशित कर पेश किया जाता है तो वो न केवल न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करती है बल्कि न्यायालय की गरिमा को भी ठेस पहुंचाती है।

आवाज़ 24x7 ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल

✓

ब्रेकिंग न्यूज़ और विशेष रिपोर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए हमारा चैनल फ़ॉलो करें।

चैनल फ़ॉलो करें (Follow)→
📲खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करें:
FacebookX (Twitter)

इसी श्रेणी से संबंधित खबरें

अरुणाचल सीमा पर चीनी घुसपैठ के दावों से गरमाई सियासत! कांग्रेस का 40-50 किमी अंदर आने का आरोप, सेना ने वायरल वीडियो को बताया फर्जी और एडिटेड

अरुणाचल सीमा पर चीनी घुसपैठ के दावों से गरमाई सियासत! कांग्रेस का 40-50 किमी अंदर आने का आरोप, सेना ने वायरल वीडियो को बताया फर्जी और एडिटेड

🕒 2026-10-30 13:50:27
चक्रवात 'अर्नब' का तांडव: ओडिशा में 300 गांव जलमग्न, आंध्र में रेल ट्रैक डूबे! मध्य प्रदेश के नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

चक्रवात 'अर्नब' का तांडव: ओडिशा में 300 गांव जलमग्न, आंध्र में रेल ट्रैक डूबे! मध्य प्रदेश के नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

🕒 2026-10-29 15:53:47
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुर्सी को लेकर भारी बवाल! कोर्ट रूम में तोड़फोड़, सरकारी वकील से मारपीट! चीफ जस्टिस कोर्ट में भी कामकाज ठप

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कुर्सी को लेकर भारी बवाल! कोर्ट रूम में तोड़फोड़, सरकारी वकील से मारपीट! चीफ जस्टिस कोर्ट में भी कामकाज ठप

🕒 2026-10-29 14:09:42
कुदरत का कहरः 135 किमी/घंटे की रफ्तार से तट से टकराया चक्रवात 'अर्नब'! आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश और तबाही, 3 की मौत

कुदरत का कहरः 135 किमी/घंटे की रफ्तार से तट से टकराया चक्रवात 'अर्नब'! आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश और तबाही, 3 की मौत

🕒 2026-10-28 15:16:58
बड़ी खबरः शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की धमाकेदार एंट्री! IPO प्राइस से 21.36% प्रीमियम पर 1,358 में लिस्ट हुए शेयर, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

बड़ी खबरः शेयर बाजार में जियो प्लेटफॉर्म्स की धमाकेदार एंट्री! IPO प्राइस से 21.36% प्रीमियम पर 1,358 में लिस्ट हुए शेयर, निवेशकों की बल्ले-बल्ले

🕒 2026-10-28 11:09:19