नैनीताल:Independence Day!यहाँ बच्चों को देशभक्ति के उत्सवों से दूर क्यो रखा,नही बुलाया कक्षा 5 तक के बच्चों को स्कूल!

भारत में हर साल 15 अगस्त के दिन बड़े ही धूमधाम के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है. इस दिन को देश का हर नागरिक काफी अलग-अलग तरीके से सेलिब्रेट करता है. स्वतंत्रता दिवस एक ऐसा दिन है, जिसमें ना तो किसी धर्म का भेद होता है, और ना ही किसी जाति का. यही विशेषता देश को एकजुट रखती है. यह एक राष्ट्रीय उत्सव है, जो हर एक के लिए बेहद ख़ास होता है. स्वतंत्रता दिवस में हम हमारे वीर सपूतों के बलिदान को याद करते हुए झंडा फहराते हैं. इसलिए स्वतंत्रता दिवस के इस खास मौके पर हम हमारे बच्चों को देश के इतिहास और उसकी गतिविधियों से परिचित कराते हैं. जिससे बच्चे इस दिन के महत्व को भी समझेंगे और काफी कुछ सीखते भी है,लेकिन सरोवर नगरी नैनीताल में कुछ स्कूलों ने कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी। नर्सरी से लेकर कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों की हर साल ही 15 अगस्त को छुट्टी कर दी जाती है इससे अभिभावकों में स्कूलों के प्रति खासी नाराजगी है। नैनीताल के लांग व्यू पब्लिक स्कूल में कक्षा 6 तक के विद्यार्थियों की आज छुट्टी रही,जबकि सभी सरकारी स्कूलों में नन्हे बच्चों ने रैलियां निकाली,प्राइवेट स्कूलों की बात करें तो सैंट जोसेफ स्कूल,सनवाल स्कूल, रामा मॉन्टेसरी स्कूल,नैनी स्कूल में भी बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। किंडर स्कूल अमेरिकन किड्स में भी नन्हे नन्हे बच्चे स्कूल पहुंचे और हाथों में तिरंगा लिए देशभक्ति के नारे लगाए।

अभिभावकों का कहना है कि 15 अगस्त भारत के लिए काफी अहम दिन होता है. इस दिन भारत स्वतंत्र हुआ था. देश में इस दिन सब एक जुट होकर सेलिब्रेट करते हैं. इस ख़ास दिन को बच्चों से परिचित कराने के लिए कई तरह कि एक्टिविटीज करावाई जा सकती है,लेकिन कक्षा 5 तक विद्यार्थियों को आज स्कूल आने से मना कर दिया गया ऐसे में हमारे बच्चे इस महत्वपूर्ण दिवस को कब जानेंगे? रैली में क्या होता है? कौनसे नारे लगाए जाते है? परेड क्या होती है? मार्च पास्ट क्या होता है?  ये सब स्कूल जाकर ही बच्चे सीखते है पहाड़ी इलाकों में सिर्फ 15 अगस्त के दिन ही ये सब सीखने का मौका मिलता है लेकिन इस दिन भी स्कूलों ने बच्चों को नही बुलाया। 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के समय पहाड़ी इलाकों के ज़्यादातर स्कूलों में जाड़ों की छुट्टी होती है जिसकी वजह से गणतंत्र दिवस में भी बच्चे स्कूल जाकर ये सब नही कर पाते।