गैरसैंण। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में आज से दो दिवसीय मानसून/विशेष विधानसभा सत्र की शुरुआत हो चुकी है। सत्र के पहले दिन का नज़ारा बेहद दिलचस्प और विरोधाभासी रहा। एक ओर जहाँ सदन के भीतर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने राजनीति से ऊपर उठकर दिवंगत दिग्गज नेताओं को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी, वहीं दूसरी ओर विधानसभा भवन के बाहर विपक्ष और विभिन्न संगठनों के उग्र प्रदर्शनों ने सियासी तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है।
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में दो दिवसीय विधानसभा सत्र शुरू होते ही सदन के भीतर और बाहर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं। सदन की कार्यवाही की शुरुआत दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। वहीं, विधानसभा परिसर के बाहर कांग्रेस विधायकों ने प्रदेश के विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। दूसरी ओर, विधानसभा की ओर कूच कर रहे उत्तराखंड क्रांति दल, प्रधान संगठन, स्वराज दल समेत विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जंगलचट्टी बैरियर पर रोक दिया। सत्र के पहले दिन भराड़ीसैंण में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। विधानसभा भवन के भीतर सदन की कार्यवाही शुरू हुई, जबकि बाहर विपक्षी दल और विभिन्न संगठनों के प्रदर्शन के कारण राजनीतिक माहौल गरमाया रहा। विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर सदस्यों ने पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूड़ी और पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन पर शोक व्यक्त किया। विधानसभा भवन पहुंचने पर जनप्रतिनिधियों और अन्य लोगों ने दोनों नेताओं के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। दो दिवसीय सत्र के दौरान प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा होनी है। सत्र को लेकर सरकार और विपक्ष दोनों की तैयारियां पूरी हैं। ऐसे में सदन की कार्यवाही के दौरान उठने वाले मुद्दों और उन पर सरकार के जवाब पर सबकी नजरें रहेंगी। सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में प्रदर्शन किया। विधायक विधानसभा की सीढ़ियों पर बैठकर धरने पर रहे। विधानसभा के मुख्य द्वार पर भी कांग्रेस विधायकों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कथित वोट चोरी, अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने और प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दे उठाए। विपक्ष का कहना है कि इन मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए। विधानसभा सत्र के दौरान विपक्ष इन विषयों को सदन में उठाने की तैयारी में है। अब यह देखना होगा कि कार्यवाही के दौरान इन मुद्दों पर कितनी चर्चा होती है और सरकार क्या जवाब देती है। विधानसभा की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे उत्तराखंड क्रांति दल, प्रधान संगठन, स्वराज दल और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने जंगलचट्टी बैरियर पर रोक दिया। इस दौरान बैरियर के आसपास भीड़ और आवाजाही प्रभावित होने की सूचना है। मीडिया कर्मियों, स्थानीय लोगों और अधिकारियों के वहां फंसने की भी जानकारी सामने आई। विधानसभा घेराव की आशंका को देखते हुए पुलिस ने सत्र स्थल तक पहुंचने वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग की गई है और सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। दो दिवसीय सत्र के मद्देनजर दिवालीखाल बैरियर पर नागरिक पुलिस, प्रांतीय सशस्त्र बल, आंसू गैस दस्ते और दमकल वाहनों की तैनाती की गई है। विधानसभा तक पहुंचने वाले रास्तों पर भी कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए हैं, ताकि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया जा सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे। दिवालीखाल के प्रभारी पुलिस अधिकारी परमोड कुमार ने कहा कि सभी को कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखने का अधिकार है। हालांकि, कानून-व्यवस्था बिगाड़ने या कानून का उल्लंघन करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण से शिष्टाचार भेंट भी की। अब भराड़ीसैंण में सदन की कार्यवाही के साथ-साथ बाहर जारी राजनीतिक प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी नजर बनी हुई है।






