स्मैक के तस्करों को विधि विज्ञान प्रयोगशाला द्वारा इस तरह मिल रहा है लाभ,प्रयोगशाला की संदिग्ध भूमिका पर कोर्ट ने जारी किया उपनिदेशक को कारण बताओ नोटिस

उधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में पहली बार कोर्ट ने नशे की तस्करी करने वालो को रिपोर्ट देर से आने के चलते सीधे तौर पर लाभ मिलने पर उपनिदेशक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। दरअसल रुद्रपुर विधि विज्ञान प्रयोगशाला से तस्करी में पकड़े गए स्मैक के नमूनों की जांच रिपोर्ट में विलंब होने के चलते पकड़े गए स्मैक तस्करों को सीधे तौर पर लाभ मिल रहा है। ये मामला तब सामने आया जब एनडीपीएस एक्ट में जेल में बन्द आरोपित अशकिन खान पुत्र मोहम्मद रज़ा खान के ज़मानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की गई। आरोपित के पास 224 ग्राम स्मैक पकड़ी गई थी जोकि एक बड़ी मात्रा है। आरोपित 30 सितंबर से न्यायिक हिरासत में था और ज़मानत मिलने पर छूट गया था क्योंकि विधि विज्ञान प्रयोगशाला से रिपोर्ट समय पर नही भेजी गई थी,इस कारण आरोपित को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 167(2) के लाभ के साथ ज़मानत दे दी गयी।
 मामले में द्वितीय सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार सिंह ने प्रयोगशाला के उपनिदेशक को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में रिपोर्ट में देरी होने कारण बताने को कहा है। कोर्ट ने कहा है कि इस मामले में डीजीसी फौजदारी द्वारा बताया गया कि एफएसएल की रिपोर्ट प्राप्त नहीं होने के कारण आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। बार-बार अनुरोध के बाद भी रिपोर्ट नहीं भेजी, जिस कारण आरोपित को जमानत मिल गई। रिपोर्ट में देरी मामले को संदिग्ध बनाती है। कोर्ट ने उपनिदेशक को एक सप्ताह में रिपोर्ट में देरी का कारण बताने के निर्देश दिए हैं।