उत्तरकाशी। केदारताल क्षेत्र में लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। संकरी घाटी और बेहद दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के 10 सदस्यीय संयुक्त दल को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे प्रभावित क्षेत्र में उतारा गया है। उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के अनुसार, पिछले महीने कालिंदी पास (कालिंदी खाल) ट्रेक पर फंसे पर्वतारोहियों के बचाव अभियान की तुलना में यह ऑपरेशन काफी जटिल है। कालिंदी पास का क्षेत्र खुला और विस्तृत था, जिससे हेलीकॉप्टर उतारना और आसमान से नजर रखना अपेक्षाकृत आसान था। इसके विपरीत, केदारताल का इलाका एक संकरी घाटी में स्थित है, जहां दृश्यता सीमित रहती है और हवाई सर्वेक्षण में अत्यधिक जोखिम रहता है। मौसम साफ होते ही बचाव दल ने सुबह से ही सघन खोजबीन अभियान छेड़ दिया है। रणनीति के तहत गंगोत्री नेशनल पार्क की एक विशेष टीम भी धरातल पर मोर्चा संभाल चुकी है। यह टीम घाटी के निचले हिस्सों से आगे बढ़ते हुए प्राकृतिक खोह, गुफाओं और संभावित आश्रय स्थलों की बारीकी से जांच कर रही है, जहां खराब मौसम के समय पर्वतारोहियों के शरण लेने की संभावना रहती है। प्रशासन के अनुसार अभियान की पल-पल की निगरानी की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बचाव दलों और तकनीकी उपकरणों को भी मोर्चे पर उतारा जाएगा। मौसम का साथ मिलने पर टीमें जल्द से जल्द लापता पर्वतारोहियों तक पहुंचने की पूरी कोशिश में जुटी हैं।
उत्तराखण्डः लापता पर्वतारोहियों की तलाश में उतरीं एसडीआरएफ और एनआईएम की टीमें! संकरी घाटी बनी बड़ी चुनौती
Author:Awaaz Desk
🕒 Last Updated:2026-11-03 10:00:38
केदारताल क्षेत्र में लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।

उत्तराखण्डः लापता पर्वतारोहियों की तलाश में उतरीं एसडीआरएफ और एनआईएम की टीमें! संकरी घाटी बनी बड़ी चुनौती (सांकेतिक तस्वीर)
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⏱️ 30-Sec Glance- केदारताल क्षेत्र में लापता पर्वतारोहियों की तलाश के लिए जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है।
- संकरी घाटी और बेहद दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियां बचाव अभियान में सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रही हैं।
- स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के 10 सदस्यीय संयुक्त दल को हेलीकॉप्टर के माध्यम से सीधे प्रभावित क्षेत्र में उतारा गया है।
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