नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर के आपदा प्रभावित चुकुम गांव के विस्थापन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार के वन सचिव को तत्काल विस्थापन प्रस्ताव केंद्र सरकार के फॉरेस्ट क्लीयरेंस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, केंद्र सरकार से कहां है कि उनके लिए चिह्नित भूमि पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने को कहा है। मामले के अनुसार रामनगर के पास स्थित चुकुम गांव लंबे समय से कोसी नदी की बाढ़ और कटाव की मार झेल रहा है। ग्रामीणों के विस्थापन की मांग वर्ष 1993 से उठ रही है। इस संबंध में उनके द्वारा वर्ष 2024 तक लगातार शासन को प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन तकनीकी अड़चनों और शासन एवं केंद्र सरकार के स्तर पर प्रक्रिया लंबित रहने के कारण विस्थापन नहीं हो पाया। लेकिन लगातार हो रहे भू-कटाव के करण गांव की लगभग 70 प्रतिशत भूमि बह चुकी है। वहीं, कॉर्बेट नेशनल पार्क की परिधि में स्थित होने के कारण ग्रामीणों को वन्यजीवों के आतंक का भी सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान कोसी नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं। मामले में ग्रामीणों की ओर से गंगा सिंह नेगी सहित अन्य याचिकाकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में उनके विस्थापित करने की मांग की है। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि गांव में रहना अब सुरक्षित नहीं है और ग्रामीणों को तत्काल विस्थापित किए जाने की आवश्यकता है। उनके विस्थापन को लेकर भूमि भी चिन्हित हो चुकी है, लेकिन अभी तक उनको विस्थापित नही किया गया। उच्च न्यायालय के इस आदेश से वर्षों से विस्थापन की राह देख रहे चुकुम गांव के ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
उत्तराखण्डः रामनगर के आपदा प्रभावित चुकुम गांव के विस्थापन पर हाईकोर्ट में सुनवाई! वन सचिव को तुरंत पोर्टल पर प्रस्ताव अपलोड करने का निर्देश, केंद्र सरकार 3 माह के भीतर ले भूमि पर फैसला
Author:Awaaz Desk
🕒 Last Updated:2026-11-04 12:32:56
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर के आपदा प्रभावित चुकुम गांव के विस्थापन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार के वन सचिव को तत्काल विस्थापन प्रस्ताव कें...

उत्तराखण्डः रामनगर के आपदा प्रभावित चुकुम गांव के विस्थापन पर हाईकोर्ट में सुनवाई! वन सचिव को तुरंत पोर्टल पर प्रस्ताव अपलोड करने का निर्देश, केंद्र सरकार 3 माह के भीतर ले भूमि पर फैसला (सांकेतिक तस्वीर)
⚡ख़बरें फटाफट (संक्षेप में)
⏱️ 30-Sec Glance- उत्तराखंड हाईकोर्ट ने रामनगर के आपदा प्रभावित चुकुम गांव के विस्थापन को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
- मामले की सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ती सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने राज्य सरकार के वन सचिव को तत्काल विस्थापन प्रस्ताव केंद्र सरकार के फॉरेस्ट क्लीयरेंस पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
- वहीं, केंद्र सरकार से कहां है कि उनके लिए चिह्नित भूमि पर तीन माह के भीतर निर्णय लेने को कहा है।
आवाज़ 24x7 ऑफिशियल व्हाट्सएप चैनल
✓ब्रेकिंग न्यूज़ और विशेष रिपोर्ट सीधे अपने मोबाइल पर पाने के लिए हमारा चैनल फ़ॉलो करें।
📲खबर को सोशल मीडिया पर शेयर करें:
इसी श्रेणी से संबंधित खबरें

बड़ी खबरः सुप्रीम कोर्ट का अहम फैसला! आरोपी को हिरासत में लेते ही लागू होगी 24 घंटे की समय सीमा, जानें क्या है पूरा मामला?
🕒 2026-11-05 09:00:45
केदारताल ट्रैक पर हिमस्खलन के बाद मातम: पश्चिम बंगाल के एक ही गांव के चार युवक अब भी लापता! चार ट्रैकर्स के मिले शव, रेस्क्यू जारी
🕒 2026-11-05 07:37:37
लाइव टीवी डिबेट में तार-तार हुई भाषाई मर्यादाः सपा प्रवक्ता पर जातिगत टिप्पणी पर बवाल! डीयू के प्रोफेसर रागी के दफ्तर में तोड़फोड़, लखनऊ से लेकर दिल्ली तक जबरदस्त आक्रोश
🕒 2026-11-05 06:24:59
उत्तराखण्डः नेता प्रतिपक्ष आर्य का धामी सरकार पर तीखा हमला! न पैमाइश, न अभिलेख, चार कागजों में चार मालिक और चार रकबे दिखाकर चहेतों को 90 साल के लिए बांटी जा रही जमीन
🕒 2026-11-05 05:28:49
