नई दिल्ली। क्रिकेट के मैदान पर कभी-कभी किस्मत उस टीम पर मेहरबान हो जाती है, जो हार के मुहाने पर खड़ी होती है। न्यूजीलैंड के दौरे पर गई भारतीय क्रिकेट टीम के साथ कुछ ऐसा ही रोमांचक वाकया दूसरे वनडे मुकाबले में देखने को मिला। वेलिंग्टन में खेले गए इस मुकाबले में 135 रनों के बेहद छोटे लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम के पसीने छूट गए। एक समय मैच ऐसा मोड़ ले चुका था जहां से भारतीय पारी का पतन तय माना जा रहा था, लेकिन ऐन वक्त पर आसमान से बरसी राहत यानी बारिश ने टीम इंडिया की नैया पार लगा दी। डकवर्थ लुईस नियम के तहत चार रन की रोमांचक जीत दर्ज कर भारत ने पांच मैचों की सीरीज में 2-0 की मजबूत और अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
भारतीय क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे एकदिवसीय मुकाबले में चार रन से जीत दर्ज कर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। हालांकि, यह जीत टीम इंडिया के लिए आसान नहीं रही। महज 135 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों की हालत ऐसी हो गई कि एक समय मुकाबला न्यूजीलैंड के पक्ष में जाता दिखाई देने लगा था। भारत ने 26 ओवर में सात विकेट गंवाकर 113 रन बनाए थे और जीत के लिए उसे 22 रन की जरूरत थी। तभी बारिश ने खेल रोक दिया। लंबे इंतजार के बाद भी मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और डकवर्थ लुईस नियम के तहत भारत को चार रन से विजेता घोषित कर दिया गया। दरअसल, वेलिंग्टन में खेले गए इस मुकाबले पर शुरुआत से ही मौसम का असर रहा। बारिश के कारण मैच निर्धारित समय सुबह साढ़े सात बजे के बजाय साढ़े आठ बजे शुरू हुआ। अंपायरों ने समय की भरपाई के लिए मुकाबले को 50 ओवर के बजाय 47-47 ओवर का कर दिया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और 41 ओवर में महज 134 रन पर सिमट गई। भारत को जीत के लिए 135 रन का लक्ष्य मिला, जिसे देखकर भारतीय प्रशंसकों को आसान जीत की उम्मीद थी। लेकिन मैदान पर कहानी इसके उलट रही। लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम को शुरुआत से ही झटके लगने लगे। कप्तान शुभमन गिल बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए, जबकि विराट कोहली सिर्फ सात रन बना सके। रोहित शर्मा ने 23 रन बनाए, लेकिन वह भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। अक्षर पटेल सात रन बनाकर आउट हो गए। लगातार गिरते विकेटों ने भारतीय खेमे की चिंता बढ़ा दी। इसके बाद श्रेयस अय्यर और केएल राहुल ने पारी को संभालने का प्रयास किया। दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए 39 रन की साझेदारी हुई। श्रेयस अय्यर ने 46 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 30 रन बनाए। उनके आउट होने के बाद नमन धीर ने 12 रन का योगदान दिया, जबकि अंशुल कंबोज एक रन बनाकर पवेलियन लौट गए। बारिश के कारण खेल रोके जाने तक केएल राहुल 26 और आकिब नबी एक रन बनाकर नाबाद थे। न्यूजीलैंड के गेंदबाजों ने छोटे लक्ष्य को भी भारतीय टीम के लिए मुश्किल बना दिया। काइल जेमीसन और जैकब डफी ने तीन-तीन विकेट लेकर भारतीय बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया, जबकि मैट फिशर को एक सफलता मिली। जेमीसन ने अपनी गेंदबाजी से विशेष रूप से भारतीय बल्लेबाजों को परेशान किया और श्रेयस अय्यर को शॉर्ट गेंद पर कैच आउट कराया।
हालांकि, बारिश के समय डकवर्थ लुईस नियम भारत के पक्ष में रहा। उस समय भारतीय टीम का स्कोर सात विकेट पर 113 रन था, जबकि नियम के अनुसार पार स्कोर 109 रन निर्धारित था। यानी भारत निर्धारित मानक से चार रन आगे था। स्थानीय समयानुसार रात 11 बजे मुकाबला दोबारा शुरू कराने की अंतिम समय सीमा थी, लेकिन बारिश नहीं थमी। आखिरकार भारत को चार रन से विजेता घोषित कर दिया गया। इस तरह जीत का अंतर भले ही छोटा रहा, लेकिन परिणाम ने सीरीज में भारत की स्थिति मजबूत कर दी। इससे पहले भारतीय गेंदबाजों ने न्यूजीलैंड को 134 रन पर समेटने में अहम भूमिका निभाई। डेरिल मिचेल ने सर्वाधिक 55 रन बनाए, जबकि कप्तान मिचेल सैंटनर ने 31 रन जोड़े। हेनरी निकोल्स 11 रन बनाकर आउट हुए। न्यूजीलैंड के बाकी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू सके। भारत की ओर से गुरनूर बराड़ ने 30 रन देकर चार विकेट झटके। आकिब नबी, अंशुल कंबोज और अक्षर पटेल ने दो-दो विकेट हासिल किए। इस हार के साथ न्यूजीलैंड के लिए भारत के खिलाफ 2026 का प्रदर्शन और निराशाजनक हो गया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस कैलेंडर वर्ष में न्यूजीलैंड को भारत के हाथों 11 मुकाबलों में हार मिली है। इसके साथ ही उसने एक वर्ष में किसी एक प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ सर्वाधिक मैच गंवाने का अनचाहा रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने 2005 में न्यूजीलैंड को 10 बार हराया था, जबकि इंग्लैंड ने 2008 में उसे नौ मुकाबलों में शिकस्त दी थी। न्यूजीलैंड को अपने घरेलू मैदान पर लगातार एकदिवसीय मुकाबलों में आखिरी बार जनवरी 2019 में हार का सामना करना पड़ा था। तब भी भारत ने ही उसे शिकस्त दी थी। दूसरे वनडे में भारतीय बल्लेबाजों का प्रदर्शन भले ही सवालों के घेरे में रहा, लेकिन गेंदबाजों की मेहनत और बारिश ने टीम इंडिया को जीत दिला दी। अब सीरीज में 2-0 की बढ़त के साथ भारतीय टीम के पास अगले मुकाबले में भी अपना दबदबा कायम रखने का मौका होगा।






